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अक्टूबर, 2018 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं
ज़िन्दगी चल रही थी अनायास तुमसे मिलना हुआ जान पहचान बढती गयी हर पल साथ गुजारने का वादा किया जिन्दगी मे एक ऐसा मोड़ आया जो कभी ना जुदा होने की कसमे खाने वाले आज बंट गये दो  हिस्सों में 
इस बदलते परिवेश में.... सम्बन्ध का गहरा होना मुश्किल हैं लोग बदलते हैं... जगह बदलती हैं रह जाती हैं तो बस कुछ बीती यादें.. और बिछड़े लोग।
धोखा देने से पहले तुझे सोचना चाहिये था       मेरा और कौन था एक तेरे सिवा
मैं दूर जाना चाहूं तो दूर रखती है मुझे अजीब तरीक़े से वो करीब होती है मेरे
मीठी यादों के साथ  गिर रहा था  मगर फिर भी  पता नहीं क्यूं  आँसु खारा था  
मोहब्बत का इज़हार तभी कीजिये जब उसे निभा सके,, बाद में मजबूरियों का सहारा लेकर किसी को छोड़ देना वफादारी नही होता।,😑₹tr
मैंने करवट बदलकर देखा है. याद तुम उस तरफ़ भी आते हो
खुद से हम दूर निकल आए हैं. .. तेरे मिलने से भी अब क्या होगा ... 
..... ये इश्क़ है जिससे इश्क़ होता है वही कभी हमारे मुस्कुराने की वजह बनता है तो कभी दुःख का कारण. ....एक वक्त था तुम्हारी बातों को सोच मुस्कुराता था,एक वक्त है तुम्हारे बातो को सोच रोता हूँ,कभी तुम्हें याद कर लोगो को अपना हँसी चेहरा दिखाता था आज तुम्हें सोच आसुओ के लिए चेहरा ढक लेता हूँ🍁
किसी व्यक्ति के प्रति आपके मन में प्रेम भाव है तो आप उस व्यक्ति को नकार नहीं सकते अगर आप नकारने में सफ़ल हो गए तो वह प्रेम था  ही नहीं... वो केवल आकर्षण था...
"कुछ नैतिक दुविधाएं होती हैं" कुछ प्रेम कहानियां इस वाक्य पर भी खत्म हो जाती हैं.....
हम मिलेंगे एक दिन मेरा यकीन करो !! जिस्मों की इस कैद से छूटकर एक दम आज़ाद जहां तुम स्त्री और मैं पुरुष नही होऊंगा न कोई पहचान न नाम न कोई पता होगा !!
अब हम फिर ना मिलेंगे, ढूँढते रहना ....   तेरे दर्द का अब,     ये असर आखिरी  हैं ....
मन के धागे में इक गाँठ लगाई मैंने तेरे बाद किसी को नहीं पिरोया इसमें ....
क्या छिपाना अब कुछ किसी से,,,,,,,, चला गया ‘वो’ जो कीमती था सबसे,,,,,,,,
कोई कितना भी हिम्मतवाला क्यूँ ना हो रुला देती है किसी ख़ास इं सान  की कमी💕......