ज़िन्दगी चल रही थी अनायास तुमसे मिलना हुआ जान पहचान बढती गयी हर पल साथ गुजारने का वादा किया जिन्दगी मे एक ऐसा मोड़ आया जो कभी ना जुदा होने की कसमे खाने वाले आज बंट गये दो हिस्सों में
..... ये इश्क़ है जिससे इश्क़ होता है वही कभी हमारे मुस्कुराने की वजह बनता है तो कभी दुःख का कारण. ....एक वक्त था तुम्हारी बातों को सोच मुस्कुराता था,एक वक्त है तुम्हारे बातो को सोच रोता हूँ,कभी तुम्हें याद कर लोगो को अपना हँसी चेहरा दिखाता था आज तुम्हें सोच आसुओ के लिए चेहरा ढक लेता हूँ🍁
किसी व्यक्ति के प्रति आपके मन में प्रेम भाव है तो आप उस व्यक्ति को नकार नहीं सकते अगर आप नकारने में सफ़ल हो गए तो वह प्रेम था ही नहीं... वो केवल आकर्षण था...