हम मिलेंगे
एक दिन
मेरा यकीन करो !!
जिस्मों की
इस कैद से छूटकर
एक दम आज़ाद
जहां तुम स्त्री
और मैं पुरुष नही होऊंगा
न कोई पहचान
न नाम न कोई पता होगा !!
एक दिन
मेरा यकीन करो !!
जिस्मों की
इस कैद से छूटकर
एक दम आज़ाद
जहां तुम स्त्री
और मैं पुरुष नही होऊंगा
न कोई पहचान
न नाम न कोई पता होगा !!
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