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ये इश्क़ है
जिससे इश्क़ होता है वही कभी हमारे मुस्कुराने की वजह बनता है तो कभी दुःख का कारण.....एक वक्त था तुम्हारी बातों को सोच मुस्कुराता था,एक वक्त है तुम्हारे बातो को सोच रोता हूँ,कभी तुम्हें याद कर लोगो को अपना हँसी चेहरा दिखाता था आज तुम्हें सोच आसुओ के लिए चेहरा ढक लेता हूँ🍁

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