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मैं परेशान हूँ
कहीं कोई शख्स मुझे भी न पढ़ रहा हो
ऐसे ही लम्हा लम्हा…अक्षर अक्षर
मुझे मेरी किताब का आख़री अध्याय लिखना है
लिखना है एक पल… सिर्फ़ एक पल
जिसे मेरे सिवा न कोई पढ़ पाए
न कोई समझ पाए

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