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जनवरी, 2019 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं
मैं जो नही बन सका उसने उसी के सपने देखे थे !!
तुम  तो सच कहते हो मुझसे की तुम नहीं हो मेरे काबिल ... . मैं भी तो सच कह रहा तुमसे तुम फिर जिसके काबिल हो तो हो न संग उसके.... फिर ये शिकायत क्यूँ कर रहे तुम अब मेरे इस अकेलेपन से... तुम रहो अब आजाद और हमको न रहने दो ऐसे ही                              अकेला.. घबरा क्यों रहे अब तुम ये तुम्हारे ही चाहत थी न..!!🍂
चालें ही चलनी हैं तो शतरंज खेला करो, यूँ किसी के दिल से खेलना अच्छा नही
उस व्यक्ति से नफ़रत करना बहुत थका देता है...  जिससे आप प्रेम करते हैं....