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बस अच्छा लगता था तुम्हे देखना तुम्हे सोचना तुमसे ही बात करते रहना
किसी को फर्क नहीं पड़ता, किसी की जान जाती है..!
ख़ुद को बेहतर साबित करने में,   उसने मुझे कितना नीचे गिरा दिया शायद उसे इस बात की भ़नक भी नहीं.
वो बातें बहुत खतरनाक होती है जो मन में न होते हुए भी एकदम से ज़ुबान पे आ जाती है !!
मुझ को पिरोने वाले तू देख जरा... मैं "दाना दाना" बिखर रहा हूँ ...