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मार्च, 2018 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं
जितनी नफरत झूठ से है, उससे कहीं ज़्यादा नफरत उस सच से है जो हर बार छुपा लिया जाता है। कब_तलक
न चाहते हुए भी छोड़ना पड़ता है “साथ”….. कुछ मजबूरियाँ मोहब्बत से भी ज्यादा गहरी होती हैं…
तकदीर से धोखा खाने पर , फिर भी यादों में बसी है वो मेरी